हैप्पी बर्थडे टू यू मेरी बरसाने की छोरी
हैप्पी बर्थडे टू यू मेरी बरसाने की छोरी,
श्याम मेरे चंदा तो आप हो चकोरी,
हैप्पी बर्थडे टू यू मेरी बरसाने की छोरी,
वृषभान राजा के आँगन में आई,
मैया श्री कीर्ति ने गोदी खिलाई,
सारा जग बोले आई बरसाने की छोरी,
हैप्पी बर्थडे टू यू मेरी बरसाने की छोरी,
आप बिन अधूरे थे कृष्ण कन्हाई,
आप आई जग को है लाखो बधाई,
माखन चोर का दिल किया है जिसने चोरी,
हैप्पी बर्थडे टू यू मेरी बरसाने की छोरी,
बांसुरी की धुन सुन सुनके हंसी तुम,
कहे मुन्ना मोहन के मन में बसी तुम,
उन्ही संग बंधी आप की प्रेम डोरी,
हैप्पी बर्थडे टू यू मेरी बरसाने की छोरी,
श्रेणी : कृष्ण भजन
Happy Birthday To You Radha Kishori | Radha Ashtami Badhayi Geet | Aparna Mishra Radha Bhajan
“हैप्पी बर्थडे टू यू मेरी बरसाने की छोरी” एक आनंदमय और प्रेमपूर्ण कृष्ण भजन है, जो श्री राधा रानी के जन्मोत्सव अर्थात राधाष्टमी की बधाई देने के लिए प्रस्तुत किया गया है। इस भजन में राधा रानी को बरसाने की प्यारी छोरी कहकर संबोधित किया गया है और उनके जन्म की खुशी को उत्सव के रूप में व्यक्त किया गया है। इसकी मुख्य पंक्ति “हैप्पी बर्थडे टू यू मेरी बरसाने की छोरी” पारंपरिक भक्ति के साथ जन्मदिन की बधाई देने की आधुनिक शैली को जोड़ती है। यह भजन राधा रानी के भक्तों के मन में प्रेम, उल्लास और श्रद्धा का भाव जगाता है।
भजन के पहले अंतरे में राधा रानी के दिव्य जन्म का वर्णन मिलता है। वृषभान राजा के आंगन में उनका आगमन और माता कीर्ति द्वारा उन्हें गोद में खिलाना राधा रानी की जन्मलीला से जुड़ी प्रचलित भक्तिपरक मान्यताओं को दर्शाता है। बरसाने की इस प्यारी छोरी के जन्म से भक्तों के मन में आनंद छा जाता है और पूरा संसार उन्हें बधाइयां देता हुआ कल्पना में दिखाई देता है। इस प्रकार भजन राधाष्टमी के अवसर पर घर-घर में गाए जाने वाले बधाई गीतों की परंपरा को सामने लाता है।
अगले अंतरे में राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण के प्रेमपूर्ण संबंध का वर्णन किया गया है। “आप बिन अधूरे थे कृष्ण कन्हाई” पंक्ति राधा-कृष्ण की जोड़ी के प्रति भक्तों की गहरी श्रद्धा को व्यक्त करती है। भक्ति परंपरा में राधा रानी को श्रीकृष्ण की परम प्रिय और उनके प्रेम की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाता है। भजन में उन्हें माखन चोर कृष्ण के हृदय को चुरा लेने वाली बताया गया है, जो दोनों के बीच के मधुर और मनमोहक प्रेम का सुंदर चित्र प्रस्तुत करता है।
भजन की आगे की पंक्तियों में श्रीकृष्ण की बांसुरी की मधुर धुन और राधा रानी की मुस्कान का उल्लेख है। “बांसुरी की धुन सुन सुनके हंसी तुम” पंक्ति राधा-कृष्ण की प्रेमलीला से जुड़ी मनमोहक कल्पना को जीवंत करती है। भक्त की दृष्टि में राधा रानी श्रीकृष्ण के मन में बसी हुई हैं और दोनों के बीच प्रेम की डोर सदैव जुड़ी हुई है। यह भाव राधा-कृष्ण के अटूट प्रेम, आत्मीयता और भक्ति के उस स्वरूप को दर्शाता है, जो भक्तों के हृदय में विशेष स्थान रखता है।
इस भजन की खासियत यह है कि इसमें राधाष्टमी की बधाई को जन्मदिन के गीत की शैली में प्रस्तुत किया गया है। “हैप्पी बर्थडे” जैसे शब्दों के माध्यम से भक्त अपनी आराध्या के जन्मोत्सव की खुशी व्यक्त करते हैं। बरसाना, वृषभान राजा, माता कीर्ति, मुरली की धुन और श्याम-संग प्रेम जैसे प्रसंग इसे राधा रानी की जन्मलीला और प्रेमलीला से जोड़ते हैं। इसलिए यह भजन राधाष्टमी के उत्सव, मंदिरों के कार्यक्रमों और राधा रानी की बधाई के अवसर पर विशेष रूप से उपयुक्त है।