कान्हा फोड़ता है मटकी
जबसे है नाम जपा राधे,
जीवन के कष्ट हुए आधे,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
तूफानों में जब जब मैं घिरा,
तेरा नाम बना पतवार मेरी,
दुनिया से क्या लेना राधे,
बस दिल को है दरकार तेरी,
मेरे रोम रोम में लिख दे तू,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
राधे इतनी कृपा रखना,
तेरा नाम सदा ही गाऊं मैं,
इस झूठे लोक दिखावे में,
एक पल ना तुझे बिसराऊँ में,
हर पल हर क्षण सिमरु दिल से,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
मेरी डोर सदा थामे रखना,
जी चाहे जैसे नचा लेना,
ना छोड़ना मुझको बीच भंवर,
मझधार से मुझको बचा लेना,
आती जाती हर सांस कहे,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
अब और ना कोई तमन्ना है,
राधे मेरे इस जीवन की,
तेरे चरणों में मैं प्राण तजु,
इच्छा है ये ही मेरे मन की,
तेरे चरण पकड़ ये ही गाये हरी,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे,
श्रेणी : कृष्ण भजन
Kanha Fodta Hai Matki | कान्हा फोड़ता है मटकी | Beautiful Krishna Bhajan | Jyoti Choundal
“कान्हा फोड़ता है मटकी” शीर्षक से दिया गया यह भजन मुख्य रूप से राधा रानी के नाम-स्मरण, उनकी कृपा और भक्त के पूर्ण समर्पण की भावना को व्यक्त करता है। हालांकि वीडियो के शीर्षक में “कान्हा फोड़ता है मटकी” लिखा है, लेकिन प्रस्तुत किए गए भजन के बोलों में राधा नाम की महिमा और राधा रानी के प्रति प्रेम प्रमुख है। इसमें भक्त अपने जीवन की कठिनाइयों में राधे नाम को सहारा मानता है और हर परिस्थिति में उनका स्मरण करते रहने की प्रार्थना करता है।
भजन की शुरुआत “जबसे है नाम जपा राधे, जीवन के कष्ट हुए आधे” पंक्तियों से होती है। इसमें बताया गया है कि राधा रानी का नाम भक्त के मन को शांति और हिम्मत प्रदान करता है। जब जीवन में परेशानियां आती हैं और मन कठिन परिस्थितियों से घिर जाता है, तब राधे नाम आशा की किरण बनकर सामने आता है। भक्त का विश्वास है कि राधा रानी का स्मरण करने से दुखों का सामना करने की शक्ति मिलती है और मन को आध्यात्मिक सहारा प्राप्त होता है।
अगले अंतरे में भक्त जीवन के तूफानों और मुश्किलों का वर्णन करते हुए कहता है कि राधे नाम उसकी पतवार बन गया है। जिस प्रकार नाव की पतवार उसे तूफानी लहरों के बीच रास्ता दिखाती है, उसी प्रकार राधा रानी का नाम भक्त को जीवन की कठिनाइयों से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। “मेरे रोम रोम में लिख दे तू, राधे राधे” पंक्ति उनके प्रति गहरे प्रेम और ऐसी भक्ति की इच्छा को दर्शाती है, जिसमें मन का हर विचार और जीवन का हर क्षण राधा नाम से जुड़ा रहे।
भजन में भक्त राधा रानी से यह कृपा भी मांगता है कि वह कभी उनका नाम गाना और स्मरण करना न भूले। संसार के दिखावे और मोह-माया के बीच भी उसकी भक्ति बनी रहे। यहां नाम-स्मरण और निरंतर भक्ति को विशेष महत्व दिया गया है। भक्त चाहता है कि वह केवल सुख के समय ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षण में राधा रानी को याद करे और अपने हृदय में उनके प्रति प्रेम बनाए रखे।
आगे की पंक्तियों में भक्त अपनी डोर राधा रानी के हाथों में सौंपने की भावना व्यक्त करता है। वह प्रार्थना करता है कि वे उसे कभी जीवन के भंवर में अकेला न छोड़ें और कठिन परिस्थितियों से बाहर निकालें। “आती जाती हर सांस कहे, राधे राधे” पंक्ति पूर्ण समर्पण का सुंदर भाव प्रस्तुत करती है। भक्त की इच्छा है कि उसकी हर सांस में राधा नाम बसा रहे और उसका जीवन उनकी भक्ति के मार्ग पर चलता रहे।