ममतामयी मेरी अम्बे माँ करुणामयी मेरी दुर्गे माँ
।। अम्बे माता का नया भजन 2026 ।।
ममतामयी मेरी अम्बे माँ, करुणामयी मेरी दुर्गे माँ,
हम सब तेरे बालक है, और तुम हो सब भक्तो की माँ,
तेरी दया का पार नही है, कितनी तू दयालु है माँ,
हम सब पर है कृपा तुम्हारी, कितनी तू कृपालु है माँ,
सबका जीवन तेरे भरोसे, सबके दुख तू हरती है माँ,
जो भी कोई दिल से पुकारे, झोली उसकी तू भरती है माँ,
ममतामयी मेरी अम्बे माँ, करुणामयी मेरी दुर्गे माँ,
हम सब तेरे बालक है, और तुम हो सब भक्तो की माँ,
ऊँचे पहाड़ो पर है तेरा बसेरा, तू है पहाड़ो वाली माँ,
दुष्टो का संहार तू करती, तू है भव भय हारनी माँ,
तुझसे डरते असुर सब सारे, तू महिषासुर मर्दनी है माँ,
तू काली तू कल्याणी है, तू गोरी तू अम्बे है माँ,
ममतामयी मेरी अम्बे माँ, करुणामयी मेरी दुर्गे माँ,
हम सब तेरे बालक है, और तुम हो सब भक्तो की माँ,
शिव शंकर को तुम हो प्यारी, कार्तिक और गणेश की तुम हो माँ,
कैलाश पर्वत पे तेरा बसेरा, तुम हो प्यारे नन्दी की माँ,
हिमाचल पर्वत की तुम हो बेटी, मैना देवी है तुम्हारी माँ,
हम भक्तो पर कृपा तुम कर दो, हमको भव से पार करा दो माँ,
ममतामयी मेरी अम्बे माँ, करुणामयी मेरी दुर्गे माँ,
हम सब तेरे बालक है, और तुम हो सब भक्तो की माँ,
Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore
श्रेणी : दुर्गा भजन
ममतामयी मेरी अम्बे माँ करुणामयी मेरी दुर्गे माँ ।। अम्बे माता का नया भजन 2026 ।। #navratri #matarani
🌺 ममतामयी मेरी अम्बे माँ, करुणामयी मेरी दुर्गे माँ 🌺 यह एक सुंदर एवं भक्तिमय दुर्गा भजन है, जिसके गीतकार जय प्रकाश वर्मा, इंदौर हैं। इस भजन में माँ दुर्गा के ममतामयी, करुणामयी और दयालु स्वरूप का वर्णन किया गया है। भजन का मुख्य भाव माँ के प्रति प्रेम, श्रद्धा, विश्वास और पूर्ण समर्पण है। इसमें भक्त माँ को अपनी जननी मानकर कहते हैं कि हम सभी उनके बालक हैं और माँ अपने सभी भक्तों पर समान रूप से कृपा बरसाती हैं। भजन में माँ की असीम दया, दुखों को हरने वाली शक्ति और सच्चे मन से पुकारने वाले भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी करने वाली महिमा का गुणगान किया गया है। साथ ही माँ के पहाड़ों वाली, महिषासुर मर्दिनी, काली, कल्याणी और अम्बे स्वरूप का वर्णन मिलता है। भगवान शिव की अर्धांगिनी तथा भगवान कार्तिकेय और श्री गणेश की माता के रूप में भी उनकी महिमा गाई गई है। भजन के अंतिम चरणों में भक्त माँ से अपने ऊपर कृपा बनाए रखने और उन्हें भवसागर से पार लगाने की प्रार्थना करते हैं। इस भजन का संदेश है कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ माँ का स्मरण करने से भक्तों को मन की शांति, साहस और आध्यात्मिक संबल मिलता है।