तेरे दर्शन कैसे पाऊं मैं ओ खाटू श्याम हमारे
तेरे दर्शन कैसे पाऊं मैं ओ खाटू श्याम हमारे,
ओ खाटू श्याम हमारे, सुन बाबा प्यारे प्यारे,
तेरे दर पे लगी कतारें ओ बाबा श्याम हमारे,
तेरे दर्शन कैसे पाऊं मैं ओ खाटू श्याम हमारे,
दूर दूर से भक्त हैं आते,
लाखों अर्ज़ियाँ साथ में लाते,
मेरी अर्ज़ी कैसे लगाऊं यहाँ ढेरो लगे अम्बारे,
तेरे दर्शन कैसे पाऊं मैं ओ खाटू श्याम हमारे,
सबसे तेरा नाम सुना है,
तू सँवारे काम सुना है,
मेरी मांग सुने तो मानू मैं तुझे हारे के सहारे,
तेरे दर्शन कैसे पाऊं मैं ओ खाटू श्याम हमारे,
मैं भी तेरे द्वार पे आई,
दर्शन की मैंने आस लगाईं,
मेरी नैया लगा किनारे से ओ बाबा श्याम हमारे,
तेरे दर्शन कैसे पाऊं मैं ओ खाटू श्याम हमारे,
श्रेणी : खाटू श्याम भजन
तेरे दर्शन कैसे पाऊं मैं ओ खाटू श्याम हमारे | Tere Darshan Kaise Paaun Main | Jyoti Choundal
खाटू धाम में बाबा श्याम के दर्शन पाने की तड़प और उनके दरबार तक पहुँचने की आस को यह भजन बेहद भावुक अंदाज़ में प्रस्तुत करता है। इसमें एक भक्त की मन की व्याकुलता झलकती है, जो दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं और बाबा के दरबार में लगी लंबी कतारों के बीच अपनी अर्जी उन तक पहुँचाने की इच्छा रखता है। भजन की पंक्तियों में एक अनोखा भाव छिपा है—भक्त ने बाबा की महिमा बहुत सुनी है, उनके द्वारा बिगड़े काम सँवारने की कथाएँ सुनी हैं, और अब वह स्वयं उनकी कृपा का अनुभव करना चाहता है। अपनी नैया को पार लगाने और मनोकामना सुनने की पुकार के साथ यह भजन श्रद्धा, प्रतीक्षा और सच्चे श्याम प्रेम का सुंदर संगम बन जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें किसी बड़े दावे से अधिक एक सरल भक्त के मन की सच्ची पुकार सुनाई देती है, जो अपने साँवरे के सामने अपनी झोली फैलाकर उनके दर्शन की आस लगाए बैठा है। इस भजन को ज्योति चौंदल की प्रस्तुति के रूप में दिया गया है। मूल गीतकार और उनके निवास स्थान की प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है। 🙏💙